Street Food, Old Quarter, Street Performances in weekend, Ha Long bay etc. are the most notable parts of the trip.
वियतनाम का नाम सुनते ही
१९७२ के युद्ध की याद आती है - हॉलीवुड और हमारे कम्युनिस्ट प्रभावित पाठ्यक्रम की वजह से ।लेकिन यहाँ हानोई का फूटपाथ वाला खाना और हालॉंग खाड़ी का वृत्त उल्लेखनीय है । इसके अलावे यहाँ की कॉफ़ी भी बहुत असरदार है । जून के महीने में तापमान और उससे भी कष्टदायक आर्द्रता, दिन के ९ बजे से ही तेज़ लगती है ।
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| हा नॉय के व्यावसायिक हिस्से में । पारंपरिक गली-संस्कार से विहीन । |
एक चीज़ जो वियतनाम आने से पहले मुझे पता नहीं थी वो ये कि यहाँ नाम एक पद के ही होते हैं । वियतनाम को 'विएत नाम' Viet Nam लिखते हैं, हनोई को 'हा नॉय' Ha Noi । इसमें उच्चारण की और भी पेँचीदिगियाँ है, जैसे
उदात्त जैसे स्वर ।
हा नोइ (Ha Noi)
हनोई चीन की सीमा से १०० किमी और प्रशांत महासागर (या दक्षिणी चीन सागर) से भी इतनी ही दूर स्थित है । झीलों से पटा; छोटा, लेकिन भीड़ भरा । आग्नेय एशिया में आने वाले भारतीयों में कम ही यहाँ आते हैं । कारण - अंग्रेज़ी मीडिया (यानि अर्णब गोस्वामी) पर इसका गुणगान कम ही गाया जाता है, और यहाँ के लोगों को अंग्रेज़ी कम ही आती है । राजधानी हानोई के सबसे अधिक पर्यटको वाले इलाके में भी शुद्ध, समझ में आने वाली अंग्रेज़ी कम ही लोग बोलते हैं ।
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| हानोई के पारंपरिक हिस्से की गलियाँ |
अपने कॉलेज के दिनों में Tower of Hanoi के प्रॉब्लम्स बहुत बनाया था । यहाँ आया तो ढूँढता रहा, लेकिन अपने छोटे से ट्रिप में व्यावसायिक इलाके में एक होटल जैसे दीखने वाले हानोई टावर्स के अतिरिक्त यहाँ कुछ नहीं मिला ।
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| हानोई टावर्स - इसमें प्रोग्रामिंग की कोई झलक नहीं दिखती । |
वैसे
विकिपीडिया पढ़ने पर मुझे पता चला कि बनारस के काशी-विश्वनाथ मन्दिर में ऐसी ६४ चकत्तियाँ रखीं हैं जिनको इसी क्रम में तीन खूँटों में बदला जाता है ।
उल्लेखनीय है यहाँ का खाना । आते ही मेरा सामना हुआ चावल से बने पन्ने से । पन्ने से नहीं, बल्कि कहिये पन्नी से - आप ही देख लीजिये । कहने को तो इसे राइस पेपर कहते हैं, पर इसे राइस मेम्ब्रेन कहना चाहिए था ।
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| राइस पेपर - चावल से बना पन्नी जैसा । सूप में डुबोने के ५ सेकेंड बाद मुलायम और खाने लायक बन जाता है । |
ओल्ड क्वार्टर
हानोई के सबसे टनी इलाक़ो में से एक है ओल्ड क्वार्टर । ये गलियाँ आपको पर्यटकों से भरीं लगेंगी; मुख्यतः यूरोप से आए । खाना काफ़ी चीनी जैसा है - मांस और नूडल से भरा । लेकिन बारबीक्यू और चावल के बने पृष्ठ (ऊपर की छवि में) बहुत अजीब लगते हैं ।
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| Old Quarter में शाकाहारी खाना! |
संयोग से मुझे हानोई के ओल्ड क्वार्टर में ही शाकाहारी खाने का भी अवसर मिला - हाँलांकि मैने ऐसा ऑर्डर नहीं किया था । लेकिन प्लेट में सफ़ेद नूडल के साथ Bean Curd (
सोयबीन के दूध को जमाकर और फिर तला हुआ) और सलाद । खीरे के साथ जो पत्तियाँ रखी हैं वो तुलसी जैसी लगती हैं, लेकिन तुलसी से अलग हैं ।
गली का खाना
ग़लियों में मिलने वाले मचिया (small stools) पर बैठकर खाते हुए खाने का जो आलम मैने यहाँ देखा, कहीं और नहीं । भारत में इनको दोयम दर्जे का माना जाता है जो सफ़ाई और स्वास्थ्य कारणों से सही भी लगता है । लेकिन ३८ डिग्री सेल्सियस और ९० प्रतिशत नमी में खाते हुए ज़रा भी नहीं लगता कि आप कुछ ग़लत कर रहे हैं । सस्ता लेकिन उतना भी सस्ता नहीं । बारबीक्यू और तुलसी जैसी पत्तियाँ, खीरे ।
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| हानोई में गलियों में खाना खाते लोग - पारंपरिक स्वाद यहीं मिलता है |
जो चीज़ यहाँ काफ़ी अलग लगी वो है यहाँ की कॉफ़ी - असरदार और कैफीन से भरी । यहाँ आग्नेय एशिया में ऐसी कॉफ़ी नहीं मिलती । सिंगापुर में भी मैने यहाँ की कॉफ़ी के किस्से सुने थे ।
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| बारबीक्यू (ताव पर पके गोश्त) यहाँ आम हैं । |
हा नोई की इन गलियों में रात को ७-१० बजे के बीच मेले जैसा मौसम रहता है । ख़ासकर सप्ताह के अंतिम दिनो में । खाने के लिए गलियों में लगे पीढ़े, गलियों में कहीं गाने, कहीं नाच, कहीं लोकवाद्य और कहीं गिटार पर कोई पश्चिमी गीत । नहीं, कोई भारतीय गाना बजते मैने नहीं सुना । लेकिन टीवी पर, ४० चैनलों में से एक चैनल पर, एक भारतीय सीरियल चल रहा था जिसके संवाद तो वियतनामी भाषा (तिएंग विएत) में dubbed (ध्वन्नय) थे, लेकिन बीच के गाने हिन्दी में यथावत बज रहे थे । वैसे बता दूँ कि यह धारावाहिक मोहतरमा एकता कपूर का बनाया हुआ था -
साथ साथ बनाएँगे एक आशियां ।
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| रात में गली में प्रदर्शन करते कलाकार |
इसी ट्रिप में मेरे साथ आए सौविक का ब्लॉग हानोई की शाम को कुछ
यूँ बयान करता है ।(अंग्रेज़ी में, विस्तार से)
हा लोंग खाड़ी (Ha Long bay)
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| दूर तक फैली हुई खाड़ी और छोटे पहाड़ । और दूर, उस पार दक्षिणी चीन सागर और प्रशांत महासागर है । |
हालोंग खाड़ी हनोई के पूर्व, तट पर छोटी पहाड़ियों से भरा एक समुद्री निकाय है जो दक्षिणी चीन सागर के किनारे है । यहाँ की ख़ासियत है पहाड़ियों के भरे समुद्री खाड़ी की ।
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| हा लोंग खाड़ी- पहाड़ों के पार प्रशांत महासागर है । |
हम यहाँ दो दिन रुके । शांत जगह थी, लेकिन कई जहाजों पर कई और पर्यटक भी थे । जहाज से मेरा मतलब ४० लोगों के रहने और सोने लायक दो मंज़िले पोत से है । यहाँ का पानी दिखने में तो थाईलैंड जैसा नीला और पारदर्शी नहीं है, लेकिन तैरने के लिए ज़रा भी सोचना नहीं पड़ता । बाहर के वातावरण की आर्द्रता आपको अधिक देर बाहर घूमने की इजाज़त नहीं देती । अगर समुद्री ताज़ी हवा खानी हो तो रात का समय सबसे उपयुक्त है ।
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| विएतनाम के खेतों की झलक । |
बोलचाल के कुछ शब्द
इससे पहले कि इस देश की भाषा का कोई शब्द मैं सीखता, मैने ग़ौर किया कि यहाँ बोलचाल में प, ब और फ़ ध्वनियों की कमी है । ये मेरे ४ दिनों के टन में महसूस किया गया वीक्षण है, लेकिन ग़लत हो सकता है । भाषाविद् इस पर टिप्पणी या ग़ौर करें तो मैं भी जानूँ ।
Water - nước (नुओख़)
क्या - cái gì (चाइ जी)
कैसे - gò (जो)
कहाँ - ओ दॉउ (O Dau)
कौन - अऐ (Ai)
ठंडा - Lanh (lang)
गरम - Nong (nom)
वैसे भाषा की पेचीदगी बहुत है क्योंकि इसके बोलने वाले आपने कम देखे होंगे और यहाँ के वासियों को अग्रेज़ी कम ही समझ में आती है । लेकिन इशारों और हाथों की मुद्राओं का जवाब नहीं, काम आ ही जाती हैं ।
तस्वीरों के लिए
यहाँ क्लिक करें । मैं यहाँ तीन दिन ही रहा - इच्छा थी एक हफ़्ता और गुज़ारूँ । लेकिन ये नौकरी - करनी ही पड़ती है । अगर आपको हानोई की गलियों के एकदम ख़ास व्यंजनों की सूची चाहिए तो
यहाँ देखें । मेरे साथ गए सौविक का
अंग्रेज़ी में लिखा वृत्तांत यहाँ पढ़िये जो इस ब्लॉग से अधिक विस्तृत है।
गर्मियों में एक सर्द साँस और अगले टन तक विदा !